महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर छिड़े विवाद के बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र और मराठी भाषा का अपमान किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा होता है तो मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है।
मीडिया से बातचीत में ठाकरे ने कहा, “हमारी मातृभाषा मराठी का अपमान नहीं होना चाहिए और न ही कोई भाषा जबरन हम पर थोपी जानी चाहिए। हम कानून हाथ में लेने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अगर मराठी का अपमान होगा तो मामला बढ़ सकता है।”
मीडिया में चल रही शिवसेना नेता से जुड़ी खबरों पर भी उन्होंने बात की। उन्होंने बताया कि शिवसेना नेता से इस बारे में बात की गई थी। इस पर नेता राजन विचारे ने इस बात की पुष्टि की कि इस घटना का सामुदायिक संघर्ष या भाषा संघर्ष का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, “एक अधिकारी अपना फोन चार्ज करने के लिए दुकान में गया था.. वहां उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई। इस वजह से विवाद हुआ और मारपीट तक मामला पहुंच गया। इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।”
आपको बता दें आदित्य ठाकरे का यह बयान उस वायरल वीडियो के संबंध में आया है, जिसमें कथित तौर पर पूर्व शिवसेना सांसद और नेता राजन विचारे व्यापारियों के एक समूह को अपने कार्यालय में बुलाते दिख रहे हैं। बाद में ऐसा बताया गया कि मराठी भाषा न बोलने को लेकर विचारे और उनके समर्थकों ने व्यापारियों के साथ बदसलूकी की और उनसे माफी भी मंगवाई। कुछ मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक विचारे और उनके समर्थकों ने व्यापारियों पर दबाव बनाया था कि वह मराठी भाषा में ही अपने व्यापार को आगे बढ़ाएं।

