उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगातार तीसरे दिन उनकी ऑफिस पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 3000 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी लेनदेन से जुड़ा है। ईडी को संदेह है कि इन ट्रांजेक्शनों के जरिए बड़ी मात्रा में काला धन सफेद किया गया है। इस सिलसिले में एजेंसी ने अंबानी समूह की विभिन्न फर्मों से संबंधित दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा खंगालना शुरू कर दिया है।
ईडी ने इससे पहले भी कई बार अनिल अंबानी से जुड़े मामलों में पूछताछ की है, लेकिन इस बार मामला और गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि जांच की दिशा सीधे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के अंतर्गत है।
तीन दिन से चल रही यह तलाशी कार्रवाई देश के आर्थिक जगत में हलचल मचा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं और अनिल अंबानी या उनके समूह की अन्य कंपनियों पर क्या कानूनी प्रभाव पड़ता है।
ईडी की टीम फिलहाल सभी संदिग्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहनता से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और भी पूछताछ व जब्ती की कार्रवाई हो सकती है।

