मोदी-पुतिन मुलाSCO सम्मेलनकात LIVE: अमेरिका की बौखलाहट के बीच नई ऊंचाइयों पर रिश्ते, दिसंबर में भारत आ सकते हैं पुतिन

मोदी-पुतिन मुलाSCO सम्मेलनकात LIVE: अमेरिका की बौखलाहट के बीच नई ऊंचाइयों पर रिश्ते, दिसंबर में भारत आ सकते हैं पुतिन
मोदी-पुतिन मुलाSCO सम्मेलनकात LIVE: अमेरिका की बौखलाहट के बीच नई ऊंचाइयों पर रिश्ते, दिसंबर में भारत आ सकते हैं पुतिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब अमेरिका ने भारत पर भारी व्यापारिक टैरिफ लगा दिया है। इस वजह से यह बैठक और भी अहम मानी जा रही है।

अमेरिका-भारत के बीच व्यापार तनाव

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी कच्चे तेल के लगातार आयात पर नाराजगी जताते हुए भारत के निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के चलते अलग से 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लगा दिया है। इस वजह से वाशिंगटन और नई दिल्ली के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है।

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन

तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शांति और स्थिरता पर जोर दिया। सम्मेलन से इतर उनकी पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

पुतिन को भारत आने का न्योता

वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को भारत आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में होने वाली 23वीं शिखर बैठक के लिए 140 करोड़ भारतीय बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।

यूक्रेन संकट पर चर्चा

मोदी और पुतिन के बीच यूक्रेन संघर्ष पर भी बातचीत हुई। पीएम मोदी ने कहा कि संघर्ष का जल्द समाधान निकालना पूरी मानवता की पुकार है। उन्होंने शांति स्थापित करने के हालिया प्रयासों का स्वागत किया और सभी पक्षों से रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ने की अपील की।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

पूर्व विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा कि भारत अब एक प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, जो जापान, चीन और रूस जैसे देशों के साथ मिलकर एशियाई सदी का नेतृत्व करेगा। वहीं, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह चौहान ने कहा कि आतंकवाद पर पीएम मोदी का बयान चीन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सहयोग भारत की शर्तों पर ही संभव है।

पाकिस्तान का ‘सिंधु जल संधि’ का मुद्दा

सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया और कहा कि एससीओ सदस्य देशों को मौजूदा द्विपक्षीय संधियों का पालन करना चाहिए।

चीन से भारत लौटे पीएम मोदी

सम्मेलन और रूस के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी भारत लौट आए। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि चीन की सफल यात्रा का समापन हुआ, जहां उन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया और विभिन्न विश्व नेताओं से मुलाकात की।