पीएम मोदी के बदले तेवर से बैकफुट पर आए ट्रंप: दोस्ती का राग छेड़ने की बड़ी वजहें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हालिया बयानबाज़ी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। रूस से तेल खरीदने और टैरिफ विवाद के चलते अमेरिका और भारत के रिश्ते तल्खी भरे नज़र आ रहे थे। ट्रंप ने यहां तक कह दिया था कि “लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है।” लेकिन कुछ ही घंटों बाद ट्रंप का रुख बदल गया और उन्होंने मोदी को “हमेशा का दोस्त” बताया।

इस बदले तेवर के पीछे कई वजहें हैं, जिन्हें समझना ज़रूरी है। आइए जानते हैं ट्रंप के नरम पड़ने की पांच अहम वजहें


फोन कॉल पर सख्ती दिखाना

कूटनीतिक रिश्तों में संकेतों का बड़ा महत्व होता है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ने हाल ही में ट्रंप के एक कॉल को तुरंत रिस्पॉन्ड नहीं किया। इसने अमेरिका को यह संदेश दिया कि भारत हर दबाव में झुकने वाला नहीं है। ट्रंप समझ गए कि भारत अब बराबरी का रिश्ता चाहता है।


चीन दौरे का संदेश

पीएम मोदी का हालिया चीन दौरा और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गर्मजोशी भरी मुलाकात ने अमेरिका को संकेत दिया कि भारत के पास विकल्प मौजूद हैं। अगर अमेरिका दबाव बनाएगा, तो भारत क्षेत्रीय गठजोड़ और साझेदारियों में और सक्रिय हो सकता है।