तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विकास कार्यों में भेदभाव न करने की अनूठी मिसाल पेश की है। नागरकुरनूल जिले के वांगुर मंडल के कोंडारेड्डीपल्ली गांव में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी दौरान मुख्यमंत्री के घर की चारदीवारी बीच में आ गई। ऐसे में उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत उसे गिराने का आदेश दे दिया।
गांव के 43 घरों पर पड़ा असर
सड़क चौड़ीकरण के चलते गांव के लगभग 43 घर आंशिक रूप से तोड़े गए हैं। इस दौरान सीएम द्वारा अपने घर की चारदीवारी हटवाने का फैसला ग्रामीणों के लिए प्रेरणा बन गया। लोग उनकी तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने यह साबित किया है कि विकास कार्यों में किसी तरह का पक्षपात या भेदभाव नहीं होना चाहिए।
मुआवजा देने का आदेश भी दिया
अतिरिक्त कलेक्टर देवसहायम ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने करीब दो महीने पहले सड़क चौड़ीकरण में प्रभावित होने वाले लोगों को मुआवजा देने का आदेश दिया था। इसके बाद ही निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि सीएम रेवंत रेड्डी ने अपनी नहीं, बल्कि गांव के लोगों की भलाई सोची है।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
गांव वाले मुख्यमंत्री की इस सोच की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य का सबसे बड़ा पद संभालने के बावजूद रेवंत रेड्डी ने अपने घर को भी आम लोगों के घरों की तरह माना और सड़क निर्माण में बाधा बन रही दीवार को गिराने का आदेश दे दिया।
सीएम के इस फैसले से ग्रामीणों में विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ा है। वे कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का यह कदम विकास कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता की सच्ची मिसाल है।

