केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा हाजीपुर में DISHA बैठक के दौरान तेजस्वी यादव पर किए गए कटाक्ष में स्पष्ट रूप से आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे बार-बार अपने कार्यकर्ताओं को सरकार बनने का सपना दिखाते हैं, जबकि पिछले चुनाव में ऐसा कुछ नहीं हुआ और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
चिराग ने यह भी ज़ोर दिया कि इस बार एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के पांचों दल एकजुट हैं और पूरी ताक़त से चुनावी मैदान में उतरने को तैयार हैं। उनका यह बयान विपक्षी महागठबंधन की एकजुटता और प्रभाव पर सवाल खड़ा करता है, और यह दर्शाता है कि बिहार में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
इस तरह की बयानबाज़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा होती है, जिससे पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरने की कोशिश करती है और विपक्ष को कमजोर या असंगठित दिखाने की कोशिश करती है।
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