Kutch Earthquake: कच्छ में विनाशकारी भूकंप की आशंका, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

कच्छ भूकंप: पिछले कुछ दिनों से बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। कल भी सुबह-सुबह रापर में 4.6 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया था। उसके बाद दो बार ज़मीन हिली। इन सबके बीच जियोलॉजिस्ट ने कच्छ में विनाशकारी भूकंप की आशंका जताई है।

गुजरात के कच्छ जिले में हाल के दिनों में बार-बार आ रहे भूकंप के झटकों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बीते दिनों कच्छ के रापर क्षेत्र में एक ही दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 4 से 4.6 के बीच दर्ज की गई। लगातार आ रहे इन झटकों के बीच भूवैज्ञानिकों ने कच्छ क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका जताई है।

कच्छ विश्वविद्यालय के जियोलॉजिस्ट गौरव चौहान के अनुसार, कच्छ क्षेत्र में कम से कम 10 सक्रिय फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं। इन्हीं फॉल्ट लाइनों की सक्रियता के कारण इस इलाके में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में भी यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील बना रहेगा।

शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे रापर के पास 4.6 तीव्रता का तेज भूकंप आया, जिससे लोग नींद से जाग गए और घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र रापर से लगभग 22 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया। इसका असर रापर समेत पूरे वागड़ क्षेत्र में महसूस किया गया।

गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) और हिमाचल प्रदेश की महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में भी कच्छ को भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है। इस अध्ययन के अनुसार, 2008 से 2024 के बीच कच्छ क्षेत्र में 1300 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए हैं, यानी औसतन हर साल करीब 81 भूकंप

शोध में यह भी सामने आया है कि कच्छ एक रिफ्ट बेसिन क्षेत्र है, जहां भू-पर्पटी में लगातार तनाव बनता रहता है। कच्छ मेनलैंड फॉल्ट, दक्षिण वागड़ फॉल्ट, अल्लाह बंड फॉल्ट और गेडी फॉल्ट जैसी प्रमुख फॉल्ट लाइनें अतीत में भी बड़े भूकंपों का कारण रही हैं। वर्ष 1819 में अल्लाह बंड क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जबकि 2001 का 7.7 तीव्रता का भूकंप आज भी लोगों की यादों में ताजा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित क्षेत्र में कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों की आपसी क्रिया से भूगर्भीय दबाव लगातार जमा हो रहा है, जिससे भविष्य में भी कच्छ में भूकंप की आशंका बनी रहेगी।

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