बिहार: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। रविवार को छपरा के राजेंद्र स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह बयान एनडीए गठबंधन में शामिल बीजेपी और जेडीयू के लिए चुनौती बन सकता है।
चिराग ने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के नारे को दोहराते हुए कहा कि वह बिहार के विकास और रोजगार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बिहार में पलायन को रोकने पर जोर देते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि बिहारी अपने गांव, शहर और प्रखंड में रोजगार पाएं।” इसके साथ ही उन्होंने आरक्षण की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा, “जब तक चिराग पासवान जिंदा है, कोई आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।”
इस मौके पर चिराग पासवान ने एक और बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने बिहार में सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने की पुरजोर वकालत की। वे NDA के इकलौते नेता हैं जिन्होंने इस मांग का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं के हक में मैं डोमिसाइल नीति का समर्थन करता हूं। यह नौजवानों की वर्षों से चली आ रही मांग है। वर्ष 2006 में यह नीति लाई गई थी, लेकिन जब विपक्ष सत्ता में आया तो उसे वापस ले लिया गया। आरजेडी और कांग्रेस ने कभी राज्य के युवाओं की भलाई नहीं सोची। चिराग ने यह भी कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में आता है तो वे विरासत टैक्स के नाम पर जनता की आधी संपत्ति छीन लेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों पर युवाओं को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया।
चिराग ने पलायन, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को घर पर ही रोजगार मिलना चाहिए, ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े।
अपने इसी बयान में चिराग ने एक बार फिर से स्पष्ट किया कि वह एनडीए का ही हिस्सा रहेंगे। उन्होंने कहा कि हर सीट पर चिराग पासवान खड़ा होगा. पासवान ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उन्हें बिहार आने से रोकने की साजिश की जा रही है। लेकिन, उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं।
रिपोर्ट: निराली महेरिया

