वडोदरा पुल दुर्घटना: चौथे दिन भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन, अब तक 20 की मौत, एक युवक लापता

वडोदरा के मुजपुर क्षेत्र में हुए भीषण पुल हादसे के चौथे दिन भी राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 वर्षीय विक्रम नामक युवक अब भी लापता है। विक्रम नर्सिंहपुरा गांव का निवासी था और एक निजी कंपनी में कार्यरत था।

प्रशासन ने घटनास्थल पर हाईटेक मशीनों का सहारा लिया है। 20 हॉर्स पावर की डायमंड वायर कटिंग मशीन को नाव से नदी में उतारा गया और जनरेटर की मदद से पुल के गिर चुके हिस्से को काटने का कार्य शुरू किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि मलबे के नीचे कोई शव दबा हो सकता है।

जिला प्रशासन ने बताया कि जितना पुराना कंक्रीट निर्माण होता है, उसे तोड़ना उतना ही कठिन होता है, क्योंकि उसमें प्रयुक्त लोहे की सरियों में समय के साथ लचीलापन आ जाता है, जिससे कटिंग प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

इधर, पादरा पुलिस ने हादसे को लेकर आपराधिक जांच शुरू कर दी है। यह पड़ताल की जा रही है कि कहीं किसी भारी वाहन, जैसे कि ओवरलोडेड ट्रक के गिरने से पुल की संरचना तो नहीं कमजोर हुई थी। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम और आरटीओ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आदेश पर बनी जांच समिति भी सक्रिय हो चुकी है। गिरी संस्थान की तकनीकी टीम ने पुल के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

इस भीषण हादसे ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुल निर्माण की गुणवत्ता और समय-समय पर निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।