चाईबासा/रांची: कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को झारखंड के चाईबासा कोर्ट में जमानत मिल गई है। यह मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।
कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, मिली जमानत
राहुल गांधी आज चाईबासा की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इससे पहले उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, जिसे झारखंड हाईकोर्ट ने 6 अगस्त तक स्थगित कर दिया था। आज अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की और उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी।
कोर्ट में राहुल गांधी ने अंडरटेकिंग (हलफनामा) देकर यह आश्वासन दिया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। कोर्ट ने इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और अब शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने और गवाहों की प्रक्रिया शुरू होगी।
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
यह मामला प्रताप कुमार नामक व्यक्ति द्वारा दायर किया गया है, जिन्होंने राहुल गांधी पर अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के वकील विनोद साहू ने कोर्ट में जमानत का विरोध करते हुए कहा कि राहुल गांधी न्यायालय की अवमानना कर रहे हैं क्योंकि वह सात वर्षों तक कोर्ट में पेश नहीं हुए और केवल गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद ही उपस्थित हुए।
साहू ने कोर्ट में यह भी मांग की कि अंडरटेकिंग के साथ राहुल गांधी को सजा भी दी जानी चाहिए, लेकिन कोर्ट ने यह मांग ठुकरा दी और केवल अंडरटेकिंग स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी।
राहुल गांधी ने टिप्पणी से किया इनकार
कोर्ट में पेशी के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अमित शाह के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है और इस बयान से इनकार किया। अब मामले की अगली सुनवाई में शिकायतकर्ता को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत और गवाही पेश करनी होगी।
7 साल बाद कोर्ट में पेशी
यह मामला करीब 7 साल पुराना है, जब राहुल गांधी पर अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। इतने वर्षों तक कोर्ट में पेश न होने के कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब राहुल गांधी की कोर्ट में मौजूदगी पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

