‘पसंद नहीं तो हमसे मत खरीदो’: रूसी तेल पर सख्त हुए जयशंकर, ट्रंप प्रशासन को दिखाई ‘रेड लाइन’

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी तेल पर बैन को लेकर ट्रंप प्रशासन को सख्त संदेश दिया—भारत अपनी रेड लाइन से पीछे नहीं हटेगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार (23 अगस्त 2025) को अमेरिका को साफ संदेश दिया कि भारत ऊर्जा के मामले में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना जारी रखेगा। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में उन्होंने कहा कि अगर किसी देश को भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने पर आपत्ति है, तो वह न खरीदे।

‘भारत से ज्यादा यूरोप करता है रूस से ट्रेड’

जयशंकर ने कहा कि भारत की तुलना में यूरोप रूस से कहीं अधिक व्यापार करता है। उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले को अनुचित बताते हुए कहा, “यह हास्यास्पद है कि जो लोग खुद को व्यापार समर्थक बताते हैं, वे दूसरों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की अपनी “रेड लाइन” हैं और देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए ही आगे बढ़ेगा।

भारत की अपनी रेड लाइन हैं- जयशंकर 

भारत सरकार का मानना है कि रूसी तेल की खरीद घरेलू और वैश्विक स्तर पर कीमतों को स्थिर करने में मदद कर रही है। जयशंकर ने दोहराया कि भारत का यह फैसला न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक हित में भी है।

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