लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों विधायक पूजा पाल के बयानों को लेकर गरमा गई है। कौशांबी की चायल सीट से विधायक और पूर्व सपा नेता पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि अगर उनकी हत्या होती है तो इसके लिए जिम्मेदार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी होंगे। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।
अखिलेश यादव का पलटवार
रविवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा, पूजा पाल को राजनीतिक मोहरा बनाकर सपा के खिलाफ दुष्प्रचार करा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि “पूजा पाल को बताना चाहिए कि उन्हें किससे जान का खतरा है? हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।”
अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष हताशा और निराशा में अमर्यादित हरकतें कर रहा है। बलिया में बिजली विभाग के एक दलित इंजीनियर को जूतों से पीटने की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को 2027 के चुनाव में हार साफ दिख रही है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष का अमित शाह को पत्र
इस मामले पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरी जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा मुश्किल वक्त में पूजा पाल का साथ दिया है, ऐसे में यह साफ होना चाहिए कि उन्हें किससे जान का खतरा है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
विधायक पूजा पाल के आरोपों पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सपा कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पूजा पाल को ट्रोल किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेता ने सपा से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही।
पूजा पाल का अगला कदम क्या होगा?
सालों पहले अपने पति राजू पाल की हत्या के बाद से न्याय की लड़ाई लड़ रही पूजा पाल ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि पूजा पाल जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकती हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी उम्मीदवार भी बना सकती है। यहां तक कि मंत्री पद तक दिए जाने की अटकलें लग रही हैं।
वहीं प्रयागराज के सुलेम सराय इलाके में दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए नीले रंग के होर्डिंग को देखकर लोग उनके बसपा से जुड़ने की भी संभावना जता रहे हैं।

