मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) का इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा। संगठन की कमान अब सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी को सौंप दी गई है। 29 वर्षीय महानआर्यमन सिंधिया निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं।
एमपीसीए के 68 साल के इतिहास में महानआर्यमन सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड उनके पिता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था, जो वर्ष 2006 में 35 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने थे। वहीं, महानआर्यमन ने अपने दादा माधवराव सिंधिया का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है, जिन्होंने 37 साल की उम्र में पहली बार यह पद संभाला था।
इस बार चुनाव प्रक्रिया भी बिल्कुल अलग और दिलचस्प रही। पूर्व बीसीसीआई मान्यता प्राप्त अंपायर अमरदीप पाठानिया ने संयुक्त सचिव पद से नाम वापस ले लिया। इसी तरह उनके क्लब इंदौर कोल्ट्स ने भी प्रबंध समिति प्रतिनिधि पद से नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद जितनी सीटें थीं, उतने ही उम्मीदवार बचे। नतीजतन, किसी भी पद के लिए मतदान की आवश्यकता ही नहीं रही और महानआर्यमन सिंधिया निर्विरोध अध्यक्ष बन गए।
गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा अवसर है जब एमपीसीए के चुनाव सर्वसम्मति से सम्पन्न हुए। वर्ष 2022 में भी बिना विरोध के चुनाव पूरे हुए थे, जब 2019 का पैनल दोबारा चुना गया था।
महानआर्यमन सिंधिया के अध्यक्ष बनने के साथ ही क्रिकेट संगठन में नई पीढ़ी की अगुवाई शुरू हो गई है। क्रिकेट प्रेमियों और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में एमपीसीए नई ऊँचाइयाँ हासिल करेगा और राज्य के क्रिकेट खिलाड़ियों को और अधिक अवसर मिलेंगे।

