गुजरात हाई कोर्ट ने फिर बढ़ाई आसाराम की अस्थायी जमानत, बताई यह वजह; इतनी तारीख तक रहेगा बाहर

अहमदाबाद:
गुजरात हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को एक बार फिर राहत देते हुए उसकी अस्थायी जमानत की अवधि 21 अगस्त 2025 तक के लिए बढ़ा दी है। कोर्ट ने यह फैसला उसके गंभीर स्वास्थ्य हालात को ध्यान में रखते हुए सुनाया।

गुरुवार को जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस पी.एम. रावल की पीठ ने इंदौर के जुपिटर अस्पताल से प्राप्त चिकित्सा रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि आसाराम ICU में भर्ती है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उसके शरीर में ट्रोपोनिन का स्तर अत्यधिक पाया गया है, जो हृदय संबंधी गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल स्वास्थ्य आधार पर दी जा रही है और अस्थायी जमानत उन्हीं शर्तों पर 21 अगस्त तक प्रभावी रहेगी, जो पूर्व में निर्धारित की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया उल्लेख

गुजरात हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 30 जुलाई को पारित आदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने आसाराम को मुख्य रूप से स्वास्थ्य कारणों के चलते हाईकोर्ट से अंतरिम राहत की अवधि बढ़वाने की अनुमति दी थी। इसी आदेश के आधार पर हाईकोर्ट ने यह फैसला लिया।

पहले भी मिल चुकी है राहत

इससे पहले हाईकोर्ट ने आसाराम को 7 जुलाई तक अंतरिम राहत दी थी, जिसे बाद में एक महीने के लिए और बढ़ाया गया था। यह तीसरी बार है जब उसे चिकित्सा आधार पर अस्थायी जमानत दी गई है।

दो मामलों में उम्रकैद की सजा

बता दें कि जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने आसाराम को एक महिला अनुयायी के साथ बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अतिरिक्त, वह वर्ष 2013 में राजस्थान के जोधपुर स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में भी उम्रकैद की सजा भुगत रहा है।