ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोमवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि उनका देश फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब गाज़ा में जारी संघर्ष, मानवीय संकट और भुखमरी को लेकर ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर देश और विदेश दोनों स्तरों से दबाव बढ़ रहा था।
अल्बनीज ने बताया कि इस निर्णय की औपचारिक घोषणा सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला फिलिस्तीनी प्राधिकरण से मिले महत्वपूर्ण आश्वासनों के आधार पर लिया गया है। इन आश्वासनों में शामिल हैं – हमास की सरकार में कोई भूमिका न होना, गाज़ा का निरस्त्रीकरण और चुनाव कराना।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि द्विराष्ट्र समाधान ही पश्चिम एशिया में हिंसा के चक्र को तोड़ने और गाज़ा में संघर्ष, पीड़ा व भुखमरी को समाप्त करने की सबसे बड़ी उम्मीद है।
कितने देशों ने दी फिलिस्तीन को मान्यता?
ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला उसे उन देशों की कतार में खड़ा कर देता है जो फिलिस्तीन को मान्यता देने के पक्ष में हैं। हाल के दिनों में फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि वे इस दिशा में कदम उठा सकते हैं।
इससे पहले मई 2024 में नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन ने संयुक्त रूप से फिलिस्तीन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी।
अब तक 140 से अधिक देश फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दे चुके हैं।
अमेरिका, जर्मनी और कुछ अन्य पश्चिमी देशों ने अब तक इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के इस कदम को पश्चिमी देशों की नीति में संभावित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

