दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025: ABVP का दबदबा, अध्यक्ष पद पर आर्यन मान की जीत

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बार भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना दबदबा कायम रखते हुए चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस की नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को सिर्फ उपाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा।

चुनावी नतीजे

  • अध्यक्ष (President): ABVP के आर्यन मान ने NSUI की प्रत्याशी जोसलिन चौधरी को 13,000 से अधिक वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
  • उपाध्यक्ष (Vice President): NSUI के राहुल झांसला ने यह पद अपने नाम किया।
  • सचिव (Secretary): ABVP के कुणाल चौधरी ने जीत हासिल की।
  • संयुक्त सचिव (Joint Secretary): ABVP की दीपिका झा ने जीत दर्ज की।

इस तरह कुल मिलाकर चार में से तीन सीटें ABVP के खाते में गईं और एक पद NSUI ने अपने नाम किया।

DUSU चुनाव की खासियत

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को दुनिया के सबसे बड़े छात्र संघ चुनावों में से एक माना जाता है। हर साल होने वाले इन चुनावों में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और 52 से अधिक संबद्ध कॉलेजों के छात्र सीधे मतदान करते हैं।

DUSU एक केंद्रीय निकाय है, जिसमें चार मुख्य पदाधिकारी होते हैं—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव। इसके अलावा हर कॉलेज से चुने गए सेंट्रल काउंसलर भी छात्र संघ का हिस्सा होते हैं।

डूसू अध्यक्ष की शक्तियां और जिम्मेदारियां

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष की भूमिका भले ही राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती हो, लेकिन उनकी शक्तियां सीमित होती हैं। अध्यक्ष का मुख्य काम केंद्रीय परिषद की नीतियों के क्रियान्वयन और छात्रों के सामूहिक हितों का प्रतिनिधित्व करना होता है।

अध्यक्ष विश्वविद्यालय प्राधिकारियों के साथ जरूरी मसलों पर बातचीत करता है, जिनमें हॉस्टल सुविधाएं, शैक्षणिक नीतियां और परीक्षा नियम शामिल हैं।

डूसू अध्यक्ष को मिलने वाली सुविधाएं

  • डूसू अध्यक्ष को कोई वेतन या स्टाइपेंड नहीं मिलता।
  • उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से फंड दिया जाता है, जिसका उपयोग छात्र कल्याण और यूनियन संचालन के लिए किया जाता है।
  • अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को परिसर में ऑफिस और सपोर्ट स्टाफ की सुविधा दी जाती है।
  • छात्र संघ के प्रमुख के रूप में अध्यक्ष को विश्वविद्यालय के विभिन्न सेमिनारों, वर्कशॉप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता है।