महाशिवरात्रि पर सोना और चांदी की कीमतों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी। जानें ताजा भाव, निवेश की सलाह और आने वाले समय का पूरा विश्लेषण।
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सोना और चांदी के बाजार को लेकर बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है। पिछले कुछ दिनों में उतार-चढ़ाव के बाद आज यानी 15 फरवरी को सोना और चांदी की कीमतें स्थिर नजर आईं। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद फिलहाल बाजार में स्थिरता देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के बीच नई उम्मीद और चिंता दोनों पैदा हुई हैं।
पिछले तीन दिनों में राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम ₹1,850 और 22 कैरेट सोने में ₹1,700 की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि आज कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। देश के प्रमुख शहरों की बात करें तो चेन्नई में सोने के भाव सबसे अधिक हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹1,58,840 और 22 कैरेट सोना ₹1,45,600 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। वहीं दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोना ₹1,57,900 और 22 कैरेट सोना ₹1,44,750 पर उपलब्ध है। मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी कीमतें लगभग समान हैं।
चांदी की कीमतों में भी पिछले दो दिनों में भारी गिरावट देखी गई थी, जिसमें ₹20,000 प्रति किलो तक की कमी आई। हालांकि आज चांदी की कीमत स्थिर होकर दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। चेन्नई में चांदी का भाव सबसे ज्यादा ₹2.80 लाख प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर टैरिफ वॉर, भू-राजनीतिक तनाव और नरम मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने सोना और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च हेड नवनीत दमानी के अनुसार, चांदी की हालिया तेजी मजबूत फंडामेंटल्स के बजाय बाजार के मोमेंटम पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि चांदी की कीमतें एक निश्चित दायरे में रह सकती हैं और इसकी दिशा डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी।
ब्रोकरेज फर्म एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोना और चांदी की तेजी अगले 3 से 5 वर्षों तक जारी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि गिरावट के दौरान धीरे-धीरे निवेश करें और कुल पोर्टफोलियो का लगभग 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा सोना और चांदी में रखें। यदि यह हिस्सा 25 से 30 प्रतिशत से अधिक हो जाए, तो निवेश की समीक्षा करना जरूरी है।
इस बीच, सेबी (SEBI) सोना और चांदी के ETF नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिससे भारतीय और वैश्विक कीमतों के बीच अंतर कम किया जा सके। प्रस्तावित बदलावों में डायनामिक प्राइस बैंड और प्री-ओपन ट्रेडिंग सत्र शामिल हैं, जिससे निवेशकों को अधिक पारदर्शिता और सही मूल्य मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी में अभी भी लंबी अवधि की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन निवेशकों को सावधानी और रणनीति के साथ निवेश करना चाहिए।
डिस्क्लेमर:(यहां दी गई जानकारी सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि मार्केट में इन्वेस्ट करना मार्केट रिस्क के अधीन है। इन्वेस्ट करने से पहले हमेशा एक्सपर्ट की सलाह लें। raftaarheadline.com यहां इन्वेस्ट करने की कभी सलाह नहीं देता है।)
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