सोना-चांदी में बंपर उछाल: MCX पर गोल्ड 1.53 लाख पार, सरकार की नई रणनीति से बदल सकता है बाजार

MCX पर सोना 1.53 लाख और चांदी में बड़ी तेजी। सरकार की नई गोल्ड इम्पोर्ट रणनीति से बाजार और कीमतों पर बड़ा असर संभव।

भारतीय बुलियन बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में उत्साह का माहौल बन गया है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने की कीमत में करीब 1,700 रुपये की तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,199 रुपये के स्तर को पार कर गया । वहीं चांदी की बात करें तो मार्च डिलीवरी वाली चांदी में 6,100 रुपये से अधिक का उछाल आया, जिससे चांदी की कीमत 2,37,613 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने कम कीमत पर भारी खरीदारी शुरू कर दी, जिसे “बायिंग द डिप” कहा जाता है। इसी के चलते बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और शॉर्ट कवरिंग ने भी कीमतों को ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अगर शुद्धता के आधार पर सोने की कीमत की बात करें, तो 24 कैरेट सोना लगभग 1,53,199 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना लगभग 1,41,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 1,15,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। आमतौर पर ज्वेलरी बनाने के लिए 22 और 18 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है, जबकि निवेशक 24 कैरेट सोना या गोल्ड फ्यूचर्स में निवेश करना पसंद करते हैं।

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। अमेरिका में सोने के वायदा भाव में तेजी आई है, जबकि चांदी में भी 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। इससे भारतीय बाजार को भी समर्थन मिला है।

इसी बीच, भारत सरकार भी सोने को लेकर एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार खाड़ी देशों के समूह GCC के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील में सोने पर टैरिफ छूट देने के पक्ष में नहीं है। सरकार का उद्देश्य देश में बढ़ती गोल्ड इम्पोर्ट को नियंत्रित करना और स्थानीय ज्वेलरी उद्योग को सुरक्षित रखना है।

गौरतलब है कि भारत और UAE के बीच CEPA समझौते के बाद गोल्ड इम्पोर्ट में भारी बढ़ोतरी हुई थी। वित्त वर्ष 2022 में UAE से गोल्ड इम्पोर्ट जहां 5.8 अरब डॉलर था, वहीं वित्त वर्ष 2025 तक यह बढ़कर करीब 16.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस तेजी से बढ़ते इम्पोर्ट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार गोल्ड पर टैरिफ छूट नहीं देती है, तो इससे गोल्ड इम्पोर्ट पर नियंत्रण रहेगा और घरेलू बाजार को स्थिरता मिलेगी। साथ ही, सरकार के इस फैसले का असर आने वाले समय में सोने की कीमतों और ज्वेलरी उद्योग पर भी देखने को मिल सकता है।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यदि वैश्विक आर्थिक स्थिति स्थिर रहती है, तो आने वाले समय में MCX पर सोने की कीमत 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है, जबकि चांदी की कीमत 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है।

कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों ही फिलहाल निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, और सरकार की नई नीतियां भविष्य में इनकी कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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