गुजरात के कई जिलों में बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी। गेहूं, आलू और आम की फसल को भारी नुकसान की आशंका, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट।
गुजरात में मौसम ने अचानक करवट ली है और शीतकाल के अंतिम चरण में कई जिलों में बेमौसम बारिश (मावठा) ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अरवल्ली, महिसागर, भरूच, नर्मदा और छोटाउदेपुर समेत कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहने के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन का कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को माना जा रहा है, जिससे किसानों की तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
महिसागर जिले के खानपुर तालुका के बकोर क्षेत्र में दोपहर बाद अचानक काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। इसी तरह अरवल्ली जिले के धनसुरा क्षेत्र में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बेमौसम बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह ठंडक किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि गेहूं, आलू और अन्य रबी फसलें कटाई के लिए तैयार हैं।
दक्षिण गुजरात के भरूच जिले में तीन दिन के विराम के बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। अंकलेश्वर और जंबूसर क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। वहीं, नर्मदा जिले के राजपीपला, डेडियापाड़ा और सागबारा क्षेत्रों में भी सुबह से बारिश का माहौल बना हुआ है। इससे कपास, तुवेर और मूंग जैसी फसलों को नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है।
छोटाउदेपुर जिले में लगातार पांचवें दिन बारिश होने से आम के बागानों पर भी असर पड़ा है। आम के पेड़ों पर आए मंजर (फूल) गिरने लगे हैं, जिससे इस साल आम उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और बाजार में आम की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में गुजरात के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अहमदाबाद, गांधीनगर, साबरकांठा, महेसाणा और पाटन समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ में भी बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है।
बेमौसम बारिश के कारण गेहूं और आलू की फसल में नमी बढ़ने से सड़न और गुणवत्ता में कमी आ सकती है। कपास और तुवेर की फसल भी भीगने से खराब हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई के बाद फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुले में पड़ी फसल को तिरपाल या प्लास्टिक से ढंक दें।
मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
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