भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा अपडेट दिया है। शनिवार को उन्होंने बताया कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच 50 किलोमीटर का पहला खंड 2027 तक चालू हो जाएगा। इसके बाद 2028 में ठाणे-अहमदाबाद खंड शुरू होगा और 2029 तक पूरी मुंबई-अहमदाबाद लाइन चालू हो जाएगी।
मुंबई-अहमदाबाद सफर सिर्फ 2 घंटे 7 मिनट में
बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद का सफर केवल दो घंटे सात मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह परियोजना 320 किमी प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ने वाली हाई-स्पीड रेल के लिए डिज़ाइन की गई है। वहीं लूप लाइन पर ट्रेनें 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी।
सूरत स्टेशन का निरीक्षण
रेल मंत्री ने शनिवार को सूरत रेलवे स्टेशन का दौरा किया और वहां हो रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ट्रैक बिछाने और पहले टर्नआउट (जहां पटरियां जुड़ती या अलग होती हैं) की स्थापना का निरीक्षण किया। वैष्णव ने कहा कि स्टेशन का भारी-भरकम कार्य पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व यूटिलिटी वर्क तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सुरक्षा और नई तकनीक
रेल मंत्री ने बताया कि इस परियोजना में सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- 320 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलने पर वाइब्रेशन खत्म करने के लिए खास वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं।
- पटरियों में ऐसे सिस्टम इंस्टॉल किए गए हैं जो तेज हवाओं और भूकंप की स्थिति में भी ट्रेन को स्थिर रखेंगे।
- टर्नआउट में रोलर बेयरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ट्रेन की आवाजाही और भी स्मूथ होगी।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन न केवल भारत की रेल व्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र सहित पूरे पश्चिम भारत के विकास की रफ्तार भी बढ़ाएगी।
भारत की यह पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना जापानी तकनीक पर आधारित है और इसके शुरू होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जहां बुलेट ट्रेनें दौड़ती हैं।

