नई दिल्ली: भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को पहला इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) सफलतापूर्वक पूरा किया। इस टेस्ट में पैराशूट सिस्टम को जांचा गया, जो अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी में अहम भूमिका निभाएगा.
यह परीक्षण भारतीय वायुसेना, DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की साझेदारी में किया गया। इस दौरान एक मॉक क्रू मॉड्यूल को विमान से गिराया गया और नए विकसित पैराशूट असेंबली की मदद से सफलतापूर्वक उतारा गया.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि गगनयान मिशन के लिए ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) तैयार है. इसके अलावा, क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल का प्रोपल्शन सिस्टम भी सफलतापूर्वक टेस्ट किया जा चुका है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परीक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि पैराशूट सिस्टम अंतरिक्ष से वापसी के दौरान क्रू मॉड्यूल की गति को सही ढंग से नियंत्रित कर सकता है। यह कदम भारत को दिसंबर 2025 में गगनयान मिशन लॉन्च करने के और करीब ले गया है.
गगनयान मिशन के तहत भारत तीन सदस्यीय दल को 400 किलोमीटर की कक्षा में तीन दिन तक भेजने और सुरक्षित वापस लाने का लक्ष्य रखता है। इसरो की योजना है कि भारत 2035 तक अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाए और 2040 तक चंद्रमा पर मानव मिशन भेजे.
इसरो अधिकारियों ने बताया कि आगे और सात परीक्षण किए जाएंगे, जिनमें पैराशूट सिस्टम की मजबूती, रॉकेट सेफ्टी और समुद्र से रिकवरी ऑपरेशन शामिल होंगे। दुनिया की नजर अब भारत के इस महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन पर टिकी हुई है.
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