इंफाल। मणिपुर में लंबे समय से चल रहा राजनीतिक सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक दल की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद Yumnam Khemchand Singh को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। वे जल्द ही मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
राजधानी इंफाल में हुई इस अहम बैठक में बीजेपी के नॉर्थ ईस्ट समन्वयक संबित पात्रा, मणिपुर बीजेपी प्रभारी अजीत गोपछड़े और पर्यवेक्षक तरुण चुघ मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व परिवर्तन का यह फैसला राज्य में स्थिरता और प्रशासनिक संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
युमनाम खेमचंद सिंह इससे पहले मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनके पास नगरपालिका प्रशासन, आवास विकास (MAHUD), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही है। उनके प्रशासनिक अनुभव और शांत, संतुलित नेतृत्व शैली को देखते हुए बीजेपी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक खेमचंद सिंह वर्ष 2017 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे और उसी कार्यकाल में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया। 2022 में भी उनका नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुखता से सामने आया था, हालांकि उस समय एन. बीरेन सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया था।
राजनीति के अलावा, युमनाम खेमचंद सिंह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो खिलाड़ी भी रह चुके हैं। उन्हें ताइक्वांडो में ‘फिफ्थ-डैन ब्लैक बेल्ट’ से सम्मानित किया गया है—यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे भारत के पहले राजनेता माने जाते हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है।
हिंसा के दौर में भी निभाई अहम भूमिका
मई 2023 में मणिपुर में भड़की हिंसा के दौरान खेमचंद सिंह के सिंगजामेई स्थित आवास पर भी हमला हुआ था। अक्टूबर 2023 में उनके घर के गेट पर ग्रेनेड फेंका गया, जिसमें सीआरपीएफ का एक जवान और उनके एक रिश्तेदार घायल हुए थे। इसके बावजूद, उन्होंने शांति और संवाद के पक्ष में अपनी भूमिका जारी रखी।
राष्ट्रपति शासन और आगे की राह
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसकी अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है। 60 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है और फिलहाल निलंबित है। विधानसभा में बीजेपी के 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए के सहयोगी दल—एनपीपी और एनपीएफ—के साथ निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी बीजेपी को प्राप्त है।
युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह राज्य में शांति, विकास और विश्वास बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

