महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल उस समय देखने को मिली जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब ठाकरे बंधुओं – उद्धव और राज ठाकरे – के गठबंधन को बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) कर्मचारी सहकारी साख समिति चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा।
ठाकरे बंधुओं की करारी हार
बुधवार को घोषित हुए बेस्ट चुनाव परिणामों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की एमएनएस के गठबंधन को 21 में से एक भी सीट नहीं मिली। वहीं शशांक राव के नेतृत्व वाली यूनियन ने 14 सीटें और बीजेपी समर्थित पैनल ने सात सीटें जीतकर कब्जा जमा लिया। यह हार ठाकरे बंधुओं के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर तब जब मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव नजदीक हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह नतीजे ठाकरे बंधुओं के संगठनात्मक ढांचे की कमजोरियों को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी इस हार को “ठाकरे ब्रांड की अस्वीकृति” बताया।
फडणवीस से मुलाकात का महत्व
हार के अगले ही दिन राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की। करीब 30 मिनट चली इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि मुंबई और बीएमसी चुनाव की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात बेहद अहम है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई।
राज ठाकरे की चिंता: शहरों की अव्यवस्था और ट्रैफिक
मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहर टाउन प्लानिंग और ट्रैफिक अनुशासन की कमी के कारण अव्यवस्थित हो चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में उन्होंने इस विषय पर डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिसमें शहरों के सौंदर्य और विकास की जरूरतों पर विस्तार से बात की गई थी।
राज ठाकरे ने ट्रैफिक और पार्किंग पर जोर देते हुए कहा कि फुटपाथ पर कलर कोडिंग की जानी चाहिए ताकि पार्किंग और नो-पार्किंग जोन स्पष्ट हो सकें। उन्होंने नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
पब्लिक पार्किंग पर सवाल
राज ठाकरे ने सार्वजनिक पार्किंग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब कम कीमतों पर पार्किंग की सुविधा मौजूद है, तो लोग उसका इस्तेमाल क्यों नहीं करते? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब लोग घरों के लिए प्रति स्क्वेयर फुट पैसा देते हैं तो पार्किंग के लिए क्यों नहीं?
सरकार पर सीधा हमला
एमएनएस प्रमुख ने कहा कि सरकार जनता को असली मुद्दों से भटकाकर कबूतर और हाथियों जैसे बेतुके मुद्दों में उलझा रही है। उन्होंने गड्ढों वाली सड़कों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सड़क निर्माण अब धंधा बन चुका है – सड़कें जानबूझकर खराब बनाई जाती हैं ताकि बार-बार टेंडर निकल सकें।
उन्होंने सवाल उठाया कि “जब जनता गड्ढों के बावजूद नेताओं को वोट देती है, तो उन्हें अच्छी सड़क क्यों मिलेगी?”
सांस्कृतिक मांग भी रखी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से 25 अगस्त को ‘वराह जयंती’ घोषित करने की मांग भी की।

