नई दिल्ली।
चर्चित रेणुकास्वामी हत्या मामले में कन्नड़ फिल्म अभिनेता दर्शन थुगुदीपा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा दी गई उनकी जमानत रद्द कर दी है और आदेश दिया है कि उनकी गिरफ्तारी तुरंत की जाए। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट ने जमानत मामले में गंभीर त्रुटि की है।
सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ दर्शन बल्कि इस केस की अन्य आरोपी पवित्रा गौड़ा और पांच अन्य की जमानत भी रद्द कर दी है। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने जिस तरह से जमानत दी, वह मानो सजा या बरी करने जैसा फैसला था, जो न्यायिक दृष्टिकोण से गलत है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया इस मामले में न्यायिक शक्ति का गलत प्रयोग हुआ है। निचली अदालत से ऐसी गलती अपेक्षित हो सकती है, लेकिन हाईकोर्ट से नहीं।
क्या है रेणुकास्वामी हत्या केस?
9 जून 2024 को बेंगलुरू में एक फ्लाईओवर पर 33 वर्षीय ऑटो चालक रेणुकास्वामी का शव बरामद हुआ था। रेणुकास्वामी अभिनेता दर्शन का प्रशंसक था। आरोप है कि दर्शन के कहने पर उसे अगवा किया गया और बेंगलुरू के पट्टनगेरे गांव में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह यह थी कि रेणुकास्वामी, दर्शन की करीबी दोस्त पवित्रा गौड़ा को सोशल मीडिया पर परेशान कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद दर्शन को व्हाट्सएप पर मौत की सूचना दी गई थी।

