भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। वैश्विक स्तर पर व्यापार को लेकर बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिका की नीतियों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है।
बीते पांच दिनों में बीएसई सेंसेक्स 2,100 अंकों से ज्यादा टूट चुका है। 2 जनवरी को सेंसेक्स जहां 85,762 के स्तर पर था, वहीं शुक्रवार को गिरकर 83,506 के आसपास बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी दबाव में आकर 25,700 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों की पूंजी के अरबों रुपये साफ हो गए हैं।
गिरावट के 5 बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की आक्रामक बिकवाली है। केवल 8 जनवरी को ही विदेशी निवेशकों ने 3,367 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच डाले। वैश्विक अनिश्चितता के चलते विदेशी पूंजी उभरते बाजारों से बाहर जा रही है।
2. डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति का डर
अमेरिकी राजनीति में संभावित बदलाव और डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ संबंधी बयानबाजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी से निवेशकों में डर का माहौल है।
3. भारत पर कुल 50% टैरिफ का दबाव
भारत और अमेरिका के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद व्यापार समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिका पहले ही भारत पर कुल 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगा चुका है, जिससे निर्यात और कॉरपोरेट मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है।
4. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
रूस से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत है। महंगा तेल महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) पर दबाव बढ़ा सकता है।
5. रुपये में ऐतिहासिक गिरावट
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 91 के पार फिसल गया है। रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के बावजूद रुपये में कमजोरी बनी हुई है, जिससे विदेशी निवेश प्रभावित हो रहा है और शेयर बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिरता नहीं आती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिये से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

