गुजरात में जल क्रांति की शुरुआत: CM भूपेंद्र पटेल ने किया सुजलाम सुफलाम 2.0 का शुभारंभ, हर तालुका को मिलेगा बड़ा फायदा

CM Bhupendra Patel launched Sujalam Sufalam 2.0 in Gujarat. तालुका स्तर पर तालाब गहरे होंगे, जल संग्रह बढ़ेगा, किसानों और लोगों को फायदा मिलेगा।


गुजरात में जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने “सुजलाम सुफलाम जल अभियान – जल संचय जनभागीदारी 2.0” का राज्यव्यापी शुभारंभ किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संचय क्षमता बढ़ाना, भूजल स्तर में सुधार करना और वर्षा जल के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करना है।

यह महाअभियान 31 मई 2026 तक चलेगा और इसके तहत राज्य के अधिकांश तालुकाओं में जल संरक्षण से जुड़े व्यापक कार्य किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक तालुका में कम से कम 10 तालाबों को गहरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पानी की संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

राज्य सरकार के जल संसाधन, जल आपूर्ति, सरदार सरोवर नर्मदा निगम, ग्रामीण विकास, वन एवं पर्यावरण तथा शहरी विकास सहित छह विभाग मिलकर इस अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाएंगे।

अभियान के तहत पुराने तालाबों को गहरा करना, चेकडैम की डी-सिल्टिंग, नदियों और जलाशयों की सफाई, क्षतिग्रस्त चेकडैम की मरम्मत, नहरों की सफाई और रखरखाव, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, खेत तालाब, मिट्टी बंध, पीने के पानी के स्रोतों की सफाई और मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अभियान की शुरुआत गांधीनगर जिले के भाट गांव के तालाब को गहरा करने के कार्य से की। इस कार्य के पूरा होने के बाद इस तालाब की जल संग्रहण क्षमता बढ़कर 2.01 लाख घन फुट हो जाएगी, जिससे आसपास के क्षेत्र को लंबे समय तक पानी की सुविधा मिलेगी।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2018 से 2025 के बीच इस अभियान के तहत कुल 1,22,299 कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें 39,542 तालाबों का गहरीकरण, 26,544 चेकडैम की डी-सिल्टिंग और 82,240 किलोमीटर नहरों की सफाई शामिल है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य की जल संग्रहण क्षमता में 1,39,959 लाख घन फुट की वृद्धि हुई है और 210 लाख मानव-दिवस रोजगार भी सृजित हुए हैं।

सुजलाम सुफलाम 2.0 अभियान से गुजरात के जल संकटग्रस्त और कम वर्षा वाले तालुकाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। यह योजना न केवल जल संकट को कम करेगी, बल्कि किसानों को सिंचाई में मदद, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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