अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए रूस से तेल खरीदने पर 50% अतिरिक्त टैरिफ (टैक्स) लगाने की घोषणा की है। यही नहीं, उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि भारत पर और भी “सेकेंडरी सैंक्शन”, यानी दूसरे स्तर के प्रतिबंध, लगाए जा सकते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीदना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
ट्रंप का बयान: “अभी तो 8 घंटे हुए हैं, और भी बहुत कुछ होगा”
राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,
“हमने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है। अभी तो सिर्फ 8 घंटे हुए हैं, देखते रहिए आगे क्या होता है। आपको और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा।”
उन्होंने संकेत दिया कि भारत पर आने वाले दिनों में कई अन्य आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है जबकि चीन जैसे देश भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि चीन पर भी सेकेंडरी सैंक्शन लगाए जा सकते हैं।
“भारत युद्ध की मशीन को ईंधन दे रहा है”: ट्रंप
रूस-यूक्रेन युद्ध के मद्देनज़र ट्रंप प्रशासन का मानना है कि भारत का रूस से कच्चा तेल खरीदना अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध को समर्थन देना है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “भारत रूस की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।”
व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भी ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है क्योंकि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने से इनकार कर दिया।
ट्रंप के 50% टैक्स बढ़ाने पर क्या कहा भारत ने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ बढ़ाने के बाद भारत की पहली प्रतिक्रिया आई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि अमेरिका ने भारत पर extra टैरिफ लगाया है, जबकि कई दूसरे देश भी अपने राष्ट्रीय हित के लिए ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये कदम गलत और सोच-समझकर नहीं लिए गए हैं. भारत अपने राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा. उन्होंने बताया कि भारत का ऊर्जा बाजार अलग-अलग कारणों पर चलता है और इसका मकसद अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है.

