UK में घटा उपभोक्ता विश्वास, बढ़ते कर्ज और खर्च की चिंता से आर्थिक वृद्धि पर खतरा

लंदन: यूनाइटेड किंगडम (UK) में आम लोगों का आर्थिक स्थिति को लेकर विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय डेटा एनालिटिक्स कंपनी S&P Global Market Intelligence द्वारा फरवरी 2026 में जारी किए गए Consumer Sentiment Survey में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि UK के घरों में बढ़ते कर्ज, लोन की सीमित उपलब्धता और भविष्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति देश की आर्थिक वृद्धि के लिए गंभीर चेतावनी साबित हो सकती है।

Consumer Sentiment Index अब भी कमजोर

S&P Global द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, UK का Consumer Sentiment Index (CSI) फरवरी 2026 में 44.8 दर्ज किया गया, जबकि जनवरी में यह 44.6 था। हालांकि इसमें मामूली सुधार देखा गया है, लेकिन यह अब भी 50 के तटस्थ स्तर से नीचे बना हुआ है।

आर्थिक संकेतकों के अनुसार:

  • CSI 50 से नीचे होने का मतलब है कि उपभोक्ता विश्वास कमजोर है
  • CSI 50 से ऊपर होने पर उपभोक्ता विश्वास मजबूत माना जाता है

इससे स्पष्ट है कि UK में उपभोक्ता विश्वास अब भी कमजोर स्थिति में है।

बढ़ता कर्ज और घटती लोन उपलब्धता बड़ी चिंता

सर्वे के अनुसार, UK के लोगों में कर्ज बढ़ने को लेकर चिंता तेजी से बढ़ रही है। कई लोग अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए क्रेडिट का अधिक उपयोग कर रहे हैं, लेकिन वहीं बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा लोन उपलब्धता में कमी देखी जा रही है।

S&P Global के आंकड़ों के अनुसार:

  • अगस्त 2024 के बाद लोन उपलब्धता में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई
  • लोगों में कर्ज बढ़ने की चिंता बढ़ी
  • क्रेडिट प्राप्त करना अधिक कठिन हो गया है

इस स्थिति का सीधा असर लोगों की खर्च करने की क्षमता पर पड़ रहा है।

बड़े खर्च से लोग बना रहे दूरी

सर्वे में यह भी सामने आया है कि UK के लोग अब बड़े खर्च करने से बच रहे हैं। जैसे:

  • कार खरीदना
  • घरेलू उपकरण खरीदना
  • घर खरीदना
  • अन्य बड़े निवेश

इन सभी खर्चों को लेकर विश्वास पिछले 10 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि लोग भविष्य को लेकर अनिश्चित हैं और बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।

रोजगार को लेकर भी बढ़ी चिंता

रोजगार बाजार को लेकर भी लोगों का विश्वास कम हुआ है। सर्वे के अनुसार, नौकरी की स्थिति को लेकर विश्वास जून 2025 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे लोगों में नौकरी की सुरक्षा और आय को लेकर चिंता बढ़ रही है।

अर्थशास्त्री Maryam Baluch का बयान

S&P Global Market Intelligence की अर्थशास्त्री Maryam Baluch ने कहा,
“UK के घरों में वर्तमान में नकारात्मक माहौल है। हालांकि फरवरी में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन उपभोक्ता विश्वास पिछले दो वर्षों के सबसे कमजोर स्तरों में बना हुआ है। बढ़ते कर्ज और घटती लोन उपलब्धता के कारण लोग बड़े खर्च करने से हिचक रहे हैं, जो आर्थिक वृद्धि के लिए नकारात्मक संकेत है।”

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता खर्च में कमी से अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो सकती है।

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आर्थिक वृद्धि पर सीधा असर

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ता खर्च किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार होता है। जब लोग खर्च कम करते हैं, तो इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

इसके परिणामस्वरूप:

  • व्यवसायों की आय घटती है
  • उत्पादन कम होता है
  • रोजगार के अवसर कम होते हैं
  • GDP वृद्धि प्रभावित होती है

यदि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रहती है, तो UK की आर्थिक वृद्धि गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।

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