न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष ने केंद्रबिंदु बना रहा। विश्व के कई देशों के प्रतिनिधियों ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपने विचार रखे और गाज़ा में जारी युद्ध, हमास की भूमिका, तथा फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के विषय पर खुलकर चर्चा की।
इस सत्र के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो का भाषण विशेष रूप से चर्चा में रहा। उन्होंने अपने 19 मिनट के भाषण में विश्व शांति, समरसता और सहयोग का संदेश दिया। भाषण के अंत में उन्होंने भारत और बौद्ध परंपरा से जुड़ी भाषाओं का प्रयोग करते हुए कहा – “ॐ शांति शांति शांति ॐ”, “नमो बुद्धाय” और “शालोम”, जिससे सभा में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।
राष्ट्रपति प्रबोवो का यह संदेश सांस्कृतिक समावेशिता और विश्वशांति की भावना को दर्शाता है। उनके शब्दों को न केवल कूटनीतिक हलकों में सराहा गया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

