केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी आर्थिक नीतियों के विरोध में देशभर में हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसका आयोजन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा किया गया है। इस हड़ताल में बैंक और बीमा क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल होंगे, जिसके चलते बैंकों का कामकाज प्रभावित रहेगा।
देशभर में आगामी 9 जुलाई को हड़ताल का ऐलान किया गया है। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि देशभर में मज़दूरों के अधिकारों का दमन किया जा रहा है। साथ ही, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां भी उचित नहीं हैं। इसके विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल का समर्थन मज़दूर संगठनों, किसान संगठनों और महागठबंधन के सहयोगी दलों ने भी किया है। अब बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने भी कहा है कि वे इस हड़ताल में शामिल होंगे। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले बुधवार को देशभर में बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने दावा किया है कि इस हड़ताल में देशभर के 15 करोड़ से अधिक कर्मचारी शामिल होंगे। वे सरकार की ‘कॉरपोरेट समर्थक आर्थिक सुधारों और श्रमिक विरोधी नीतियों’ का विरोध करेंगे। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी उन नीतियों से नाराज़ हैं जो कंपनियों को तो फायदा पहुंचाती हैं, लेकिन श्रमिकों के खिलाफ हैं। कर्मचारी सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।

