वडोदरा स्थित एम.एस. यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग की गंभीर घटना सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच में मेस से लिए गए कुल 7 खाद्य पदार्थों और पानी के सैंपल में गंभीर खामियां पाई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पानी के 6 में से 5 सैंपल पीने योग्य नहीं पाए गए, जबकि मोगर दाल, चना, बेसन और चावल जैसे खाद्य सामग्री भी स्वास्थ्य मानकों पर खरे नहीं उतरे।
यह मामला तब उजागर हुआ जब हॉस्टल में रह रही लगभग 100 छात्राओं की तबीयत रात के भोजन के बाद अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी, पेट दर्द और मतली जैसी शिकायतों के बाद कई छात्राओं को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी। प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई।
छात्राओं ने पहले भी मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत की थी, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं की गई। अब जब स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से भोजन और पानी की गुणवत्ता को खतरनाक बताया गया है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। छात्राओं और अभिभावकों ने मांग की है कि मेस की निगरानी के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। इस घटना ने एक बार फिर हॉस्टल्स में भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

