गंभीरा ब्रिज दुर्घटना तीसरा दिन: मृतकों की खोज अंतिम चरण में, 2 लोग अब भी लापता, अब तक 18 शव बरामद

कलेक्टर ने बताया कि दुर्घटना के बाद बचाव कार्य लगातार जारी है। खासकर कीचड़ की स्थिति और पुल की स्थिरता को देखते हुए ऊपर के हिस्से में क्रेन से सुरक्षित ढंग से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पानी में फैले सोडा ऐश के कारण जलन और खुजली की समस्या भी हो रही है।

उन्होंने आगे बताया कि अंदरूनी हिस्से में 98% सांद्रता वाला सल्फ्यूरिक एसिड टैंक मौजूद है, जिससे खतरा बढ़ गया है और सभी जोखिमों को ध्यान में रखकर टीम सावधानी से काम कर रही है।

बीती रात करीब 10 बजे पानी भरने के बाद ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोका गया था। तब तक कुल 18 शव बरामद किए जा चुके थे। दुर्घटना के दिन 7 लोगों के लापता होने की सूची बनी थी, जिसमें अगले दिन एक नाम और जुड़ने से यह संख्या 8 हो गई थी। पहले दिन 12 शव बरामद हुए थे और कल 6 शव और निकाले गए।

आज की कार्रवाई के संबंध में कलेक्टर ने बताया कि आज जिन दो शवों की बरामदगी हुई, वे लापता व्यक्तियों में से हैं। अधिकांश अन्य वाहन अब वहां नहीं हैं, सिर्फ एक बाइक की पहचान हुई है और उसके सवार की भी जानकारी मिल गई है, जिससे अन्य वाहनों की संभावना कम है। अब शेष दो शवों को खोजने को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसके बाद पुल के स्लैब को तोड़ने का काम शुरू होगा और नीचे दबा बाकी मटीरियल और संपत्ति को बाहर निकाला जाएगा। साथ ही, नदी में मौजूद सल्फ्यूरिक एसिड टैंक को निष्क्रिय करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक शव की प्राथमिक जानकारी मिल चुकी है और उसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण कार्य ट्रक को पुल से बाहर निकालना और स्लैब तोड़ने की प्रक्रिया को अंजाम देना है।