गुजरात में आज से श्रावण मास की पावन शुरुआत हो गई है। जैसे ही भादरवी हवा और बादलों की गरज के साथ श्रावण का पहला सोमवार आया, पूरे राज्य में मंदिरों में शिवभक्ति की गूंज सुनाई देने लगी। श्रद्धालुओं ने तड़के स्नान कर मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विशेष पूजा-अर्चना की।
शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब
राज्य भर के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। खासकर अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट और जूनागढ़ जैसे शहरों के प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने बेलपत्र, दूध, गंगाजल और धतूरा अर्पित कर शिव आराधना की।
कांवड़ यात्रा भी हुई प्रारंभ
श्रावण मास के पहले दिन से ही कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हुआ है। हजारों कांवड़िए विभिन्न तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने निकले हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
श्रावण मास के अवसर पर बड़ी संख्या में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसरों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था, मेडिकल सहायता और साफ-सफाई के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
श्रावण मास: व्रत, पूजा और शिवभक्ति का महीना
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इस महीने में हर सोमवार को श्रद्धालु उपवास रखते हैं और शिवपुराण, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप जैसे अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं।

