
अहमदाबाद स्थित प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुजरात सरकार ने राज्य में गैस की स्थिति और औद्योगिक स्वास्थ्य को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। उद्योग और खान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त के.सी. संपत ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस की कोई कमी नहीं है और उद्योगों के बंद होने के पीछे अन्य आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं।
औद्योगिक स्थिति पर स्पष्टीकरण
अतिरिक्त आयुक्त संपत के अनुसार, गुजरात में कुल 4 लाख से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें से केवल 1,200 इकाइयां वर्तमान में बंद हैं, जबकि लगभग 28,500 इकाइयां अपनी पूरी क्षमता से कम पर काम कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से मोरबी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उद्योगों के बंद होने का मुख्य कारण कच्चे माल की कमी और निर्यात संबंधी चुनौतियां हैं, न कि गैस की किल्लत।
सरकार ने उद्योगों की सुविधा के लिए वैकल्पिक ईंधन के उपयोग की भी अनुमति दे दी है, ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।
PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार
मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद गुजरात में पाइप नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति और नेटवर्क में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। 1 अप्रैल से 5 अप्रैल 2026 के बीच मात्र पांच दिनों में राज्य में 50,000 नए घरेलू PNG कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC) के उपाध्यक्ष दीपेन चौहान ने आश्वासन दिया कि राज्य के पास पर्याप्त गैस भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि:
- भारत के कुल व्यावसायिक PNG कनेक्शनों में गुजरात की हिस्सेदारी 51% है।
- कुल घरेलू PNG कनेक्शनों में राज्य का योगदान 23% है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि गुजरात का गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पूरे देश में सबसे मजबूत है और सरकार अधिक से अधिक घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को स्वच्छ ईंधन से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
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