
अहमदाबाद: देशभर में चल रही Census 2027 की प्रक्रिया के बीच गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में प्रस्तावित जनगणना की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय आगामी स्थानीय स्वराज्य चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
दरअसल, गुजरात में जनगणना की शुरुआत 5 अप्रैल 2026 से होनी थी, लेकिन चुनावी माहौल के कारण प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव बढ़ने की संभावना थी। इसी को देखते हुए जनगणना विभाग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब राज्य में जनगणना की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
देश में 1 अप्रैल 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू हो चुका है। यह जनगणना भारत के इतिहास की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर देश की जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
इस बार जनगणना में एक नई सुविधा ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) भी दी गई है। इसके तहत नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके लिए विशेष वेबसाइट और मोबाइल नंबर आधारित लॉगिन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ (HLO) है, जो अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण, यानी वास्तविक जनगणना, फरवरी 2027 में आयोजित की जाएगी।
सरकार ने इस विशाल प्रक्रिया के लिए ₹11,718.24 करोड़ का बजट मंजूर किया है। देशभर में 31 लाख से अधिक कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे। साथ ही, डेटा सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं ताकि नागरिकों की निजी जानकारी सुरक्षित रह सके।
गौरतलब है कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा 26 अप्रैल को होने वाली है, जिसके चलते जनगणना के डोर-टू-डोर सर्वे में बदलाव किया गया है। हालांकि, राज्य में स्व-गणना की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।
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