
गुजरात में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है और राज्यभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। आगामी दो से तीन दिनों में गुजरात के अधिक क्षेत्रों में मानसून के प्रभाव के साथ बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से गुजरात में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 30 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
26 जून को कच्छ सहित सौराष्ट्र के मोरबी, सुरेंद्रनगर, राजकोट, बोटाद, अमरेली, भावनगर और गिर सोमनाथ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटण, महेसाणा, साबरकांठा और अरावली जिलों में भी वर्षा हो सकती है।
मध्य गुजरात के गांधीनगर, महिसागर और छोटा उदेपुर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात के भरूच, नर्मदा, तापी, सूरत, डांग और वलसाड जिलों में भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश दमन, दीव और दादरा एवं नगर हवेली में भी वर्षा की संभावना है।
मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के तटीय क्षेत्रों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकान, होर्डिंग्स और कमजोर पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
इस बीच मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने 29 जून से 7 जुलाई के बीच दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं मौसम विश्लेषक चिराग शाह का कहना है कि राज्य के लगभग 80 प्रतिशत जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। हालांकि अहमदाबाद, गांधीनगर और खेड़ा जिलों में औसत से कम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ अब किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों की नजरें आगामी दिनों की बारिश पर टिकी हुई हैं। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो राज्य को गर्मी से राहत मिलने के साथ जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है।
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