
अहमदाबाद/गुजरात: स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AAP के प्रदेश महामंत्री सागर रबारी और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि भाजपा चुनाव हार के डर से उम्मीदवारों को डराने, धमकाने और लालच देने की रणनीति अपना रही है।
सागर रबारी ने कहा कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव लोकतंत्र का आधार हैं, लेकिन भाजपा पिछले 30 वर्षों के शासन के बावजूद विकास के मुद्दों पर वोट मांगने के बजाय दबाव और डर की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव घोषित होने से पहले ही AAP के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं पर झूठे मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे AAP को जनसमर्थन मिल रहा है, भाजपा की बेचैनी बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर AAP उम्मीदवारों को पुलिस और प्रशासन के माध्यम से दबाव में लाने की कोशिश की जा रही है। कुछ मामलों में उम्मीदवारों को धमकाकर नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया गया, जबकि कई को पैसों का लालच भी दिया गया।
रबारी ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के खिलाफ भारी आक्रोश है, जिसके कारण उनके कार्यकर्ताओं को गांवों में प्रवेश करना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता बनाए रखने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जाने को तैयार है, ताकि कथित भ्रष्टाचार और कमीशन के मामलों से बचा जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी दावा किया गया कि कुछ उम्मीदवारों को झूठे आरोपों के तहत पुलिस स्टेशन बुलाकर दबाव बनाया गया। साथ ही, कई जिलों में AAP उम्मीदवारों और उनके परिवारों को धमकाने के मामले भी सामने आए हैं।
AAP नेताओं ने मतदाताओं से अपील की कि वे इस दबाव और लालच की राजनीति को पहचानें और अपने वोट के माध्यम से करारा जवाब दें। उन्होंने कहा कि यह समय है जब जनता लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सही निर्णय ले।
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