
Ahmedabad Municipal Corporation द्वारा अहमदाबाद में खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया है। अब शहर के होटल और रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शिता अनिवार्य कर दी गई है।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 15,000 से अधिक फूड प्रतिष्ठानों को ईमेल के माध्यम से सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के तहत सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को तीन दिनों के भीतर अपने प्रतिष्ठान के बाहर या ऐसी जगह, जहाँ ग्राहक आसानी से पढ़ सकें, स्पष्ट रूप से यह जानकारी प्रदर्शित करनी होगी कि वे असली दूध से बना ‘मिल्क पनीर’ उपयोग कर रहे हैं या वनस्पति तेल से तैयार ‘एनालॉग पनीर’।
दरअसल, कई स्थानों पर लागत कम करने के लिए एनालॉग पनीर का उपयोग किया जाता है, जिसे ग्राहकों को असली पनीर बताकर परोसा जाता है। यह न केवल ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
नए नियम के अनुसार, यह जानकारी अब केवल पोस्टर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रेस्टोरेंट के मेनू कार्ड में भी स्पष्ट रूप से दर्शानी होगी। यदि कोई भी फूड प्रतिष्ठान इन नियमों का पालन नहीं करता है या ग्राहकों को गलत जानकारी देता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और प्रतिष्ठान को सील करना भी शामिल है।
यह कदम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे ग्राहकों को सही जानकारी मिलेगी और वे जागरूक होकर अपने स्वास्थ्य के अनुसार निर्णय ले सकेंगे।
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