
गुजरात में वर्ष 2026 के स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति बनाने और उम्मीदवारों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। चुनाव से पहले ही दल-बदल और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे सियासी माहौल और अधिक गरमाता जा रहा है।
अहमदाबाद नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पांच बार के कॉर्पोरेटर इकबाल शेख ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब वे AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इस्तीफे के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं होता और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाता है।
वहीं, गिर सोमनाथ जिले में भाजपा को भी बड़ा झटका लगा है। भाजपा के पूर्व विधायक जેઠाभाई सोलंकी कांग्रेस की बैठक में शामिल हुए और उन्होंने कांग्रेस को समर्थन दिया। उनके साथ भाजपा नेता सुनील राठौड़ भी समर्थकों सहित कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
वाव-थराद क्षेत्र में सेंसर प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस नेता गेनिबेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को केवल चुनाव के समय ही वादे याद आते हैं और 30 वर्षों के शासन के बावजूद जनता के लिए ठोस काम नहीं हुआ है।
दूसरी ओर, भाजपा ने चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी स्तर पर व्यापक मंथन जारी है। जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ समन्वय बैठकों का दौर चल रहा है। 7 अप्रैल से चुनाव समिति की बैठकें शुरू होंगी और 9 अप्रैल तक हजारों सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
कुल मिलाकर, गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं और आने वाले दिनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
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