
पाटन: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज पाटन स्थित ‘स्टेट फ्रोजन सिमेन प्रोडक्शन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की उन्नत कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया और पशु संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल ने विशेष रूप से लिंग निर्धारित (Sexed) सिमेन टेक्नोलॉजी पर जोर देते हुए कहा कि यह तकनीक पशुपालकों के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग से न केवल गुणवत्तापूर्ण पशु संतति का विकास होगा, बल्कि राज्य के दुग्ध उत्पादन में भी भारी वृद्धि होगी।

संस्थान की प्रमुख उपलब्धियां
- स्थापना और ग्रेडिंग: गुजरात पशुधन विकास बोर्ड द्वारा संचालित यह संस्थान 2010 से कार्यरत है और भारत सरकार द्वारा इसे निरंतर “A” ग्रेड दिया गया है।
- उत्कृष्ट नस्लें: यहाँ गिर, कांकरेज, मेहसाणा और जाफराबादी जैसी श्रेष्ठ नस्लों के सांडों का संरक्षण और संवर्धन किया जाता है।
- रिकॉर्ड उत्पादन: वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान ने 35 लाख से अधिक पारंपरिक और 2 लाख से अधिक लिंग निर्धारित सिमेन डॉज का उत्पादन किया है।
- सफलता दर: लिंग निर्धारित सिमेन तकनीक के माध्यम से मादा बछड़ों की जन्मदर 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने सिमेन स्टेशन, सेक्सिंग इंस्टीट्यूट और बुल शेड का दौरा किया। इस अवसर पर पशुपालन निदेशक डॉ. फाल्गुनी ठाकर, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एच. टांक और पाटन कलेक्टर श्री तुषार भट्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।