
गुजरात में स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आ रहा है। अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में नामांकन प्रक्रिया, जांच और नाम वापसी की समयसीमा पूरी हो चुकी है, लेकिन इस बीच विवाद भी गहरा गया है।
कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके उम्मीदवारों को पिछले तीन दिनों से धमकियां दी जा रही हैं और दबाव बनाकर नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पार्टी के प्रवक्ता मनीष दोशी के अनुसार, कई स्थानों पर गुंडागर्दी और भय का माहौल बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका संदिग्ध रही है। पार्टी का कहना है कि असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत यह सब किया गया है, जिससे विपक्षी उम्मीदवारों को मैदान से हटाया जा सके।
इसके अलावा, कांग्रेस ने होमगार्ड विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि कुछ कमांडर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं, जो निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं।
खास तौर पर अहमदाबाद पूर्व क्षेत्र के कमांडर राहुल पी. कोरी का मामला भी उठाया गया है। कांग्रेस का दावा है कि उन्हें भाजपा के उपाध्यक्ष पद पर होने के बावजूद कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी दी गई, जो निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस ने इस मामले को राज्य चुनाव आयोग के समक्ष उठाया है और मांग की है कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए, ताकि राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
ये भी पढ़ें: अहमदाबाद के असारवा में चुनाव से पहले विरोध, संपत्ति कब्जे के आरोप