
गुजरात इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और पूरा राज्य मानो आग की भट्टी बन गया हो। आसमान से बरसती तपिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में हीटवेव को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल को कच्छ, राजकोट, सुरेंद्रनगर, मोरबी और पाटन सहित 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। खासकर सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा।

अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को लू और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है।
प्रसिद्ध मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल के अनुसार, मध्य गुजरात में तापमान 43-44 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र में भी पारा 42 डिग्री के आसपास बना रहेगा। कच्छ क्षेत्र में तापमान 40-41 डिग्री तक रहने की संभावना है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि 29 अप्रैल के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इस बीच, केंद्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, तथा दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हीटवेव के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल, राज्य में अगले 3 दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं, जहां लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
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