
अहमदाबाद। गुजरात पुलिस ने राज्यभर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी के अनुसार, तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अब तक 6,200 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई, जिनमें से 362 लोग बांग्लादेशी नागरिक पाए गए जो बिना वैध दस्तावेजों के गुजरात में रह रहे थे।
गृह मंत्री ने बताया कि फिलहाल 780 से अधिक अन्य लोगों की जांच जारी है और राज्यभर में स्थानीय पुलिस इकाइयों द्वारा सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य राज्य में रह रहे सभी अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन 362 लोगों को गुजरात में रहने के लिए किसने आश्रय दिया, उन्हें पहचान संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने में किसने मदद की और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। इसके अलावा उन उद्योगों, कंपनियों और संस्थानों की भी जांच की जाएगी, जहां इन लोगों के रोजगार पाने की संभावना है।
अभियान के दौरान राज्यभर में विशेष नाकाबंदी की गई थी। कार्रवाई की भनक लगते ही भागने का प्रयास करने वाले 18 लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि कुछ लोगों ने पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों से आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बनवाकर गुजरात में प्रवेश किया था।
गृह मंत्री हर्ष संघवी ने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि अब तक की जांच में किसी राजनीतिक संबंध का खुलासा नहीं हुआ है।
वहीं, कच्छ और वडोदरा में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 35 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पूरे मामले में सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं।
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