
गुजरात में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट बदल ली है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के अमरेली, कच्छ और गिर सोमनाथ जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ बेमौसम बारिश हुई है। इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा से आम सहित कई गर्मी की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर देखा गया। अमरेली जिले के धारी क्षेत्र में तेज हवा और बारिश के कारण आम के बागानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं कच्छ के भुज और अंजार के ग्रामीण इलाकों में ओलों के साथ बारिश ने लोगों को चौंका दिया। गिर सोमनाथ के गीर गढ़डा और तुलसीश्याम क्षेत्र में भी भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल के अनुसार, 8 मई तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि वातावरण में नमी बढ़ने से उमस और तापमान में भी वृद्धि होगी, जो 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, उन्होंने 23 मई के आसपास प्री-मानसून गतिविधियों के शुरू होने और 25 मई के बाद दक्षिण भारत में मानसून के प्रवेश की संभावना जताई है। साथ ही, 15 मई से जून की शुरुआत के बीच अरब सागर में एक चक्रवाती तूफान बनने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह बदलाव आया है। राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं (40 किमी प्रति घंटा) के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस अचानक बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि तैयार फसलें अब खतरे में हैं।
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