
बोटाद जिले की बरवाला पुलिस ने मानवता और तत्परता का परिचय देते हुए मुंबई से घर छोड़कर निकली एक किशोरी को सुरक्षित खोजकर उसके परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, बरवाला पुलिस की टीम नियमित पेट्रोलिंग पर थी। इसी दौरान सालंगपुर स्थित कष्टभंजन देव मंदिर परिसर में एक किशोरी संदिग्ध और मानसिक तनाव की स्थिति में दिखाई दी। पुलिस उसे बरवाला पुलिस स्टेशन लेकर आई और पूछताछ की।
पूछताछ में किशोरी ने अपनी पहचान रीचा पारसभाई दंतारा (18 वर्ष), निवासी मीरा-भायंदर, मुंबई के रूप में बताई। उसने बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है और वह अपनी बहन तथा बहनोई के साथ रहती है। घरेलू कामकाज को लेकर बहन द्वारा डांट-फटकार मिलने से आहत होकर वह 28 मई 2026 की सुबह करीब 9 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। उसके पास न तो मोबाइल फोन था और न ही कोई पैसे। वह बांद्रा-भावनगर ट्रेन में बैठकर सालंगपुर मंदिर पहुंच गई।
बरवाला पुलिस ने तकनीकी और मानव स्रोतों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि मुंबई के मीरा-भायंदर क्षेत्र में किशोरी की गुमशुदगी को लेकर परिजन और स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रहे थे।
इसके बाद बरवाला पुलिस ने किशोरी के बहन-बहनोई तथा मीरा-भायंदर पुलिस स्टेशन से संपर्क स्थापित किया। पुलिस ने किशोरी की काउंसलिंग भी कराई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके मामा दर्शनभाई मेहता, निवासी वडोदरा, को सुरक्षित सौंप दिया।
बरवाला पुलिस की इस संवेदनशील और सराहनीय कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की है।
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