
देशभर के सर्राफा बाजार में 16 जून को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली, जिससे ग्राहकों और निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर बन गया है।
IBJA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक किलोग्राम चांदी की कीमत में ₹4,421 की भारी गिरावट आई है। इसके बाद चांदी का भाव घटकर ₹2.47 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले चांदी ₹2.51 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी। चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
वहीं, सोने की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹552 घटकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आई इस गिरावट से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। विशेष रूप से शादी-विवाह के सीजन और त्योहारों की तैयारियों में जुटे लोगों के लिए यह खबर राहत भरी साबित हो सकती है।
हालांकि, मौजूदा गिरावट के बावजूद वर्ष 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस वर्ष अब तक दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग ₹17,000 तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और भू-राजनीतिक घटनाओं का असर सोने-चांदी की कीमतों पर लगातार बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में आई यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ती है या वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बनता है, तो सोना और चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, 16 जून को सोना और चांदी के दामों में आई बड़ी गिरावट ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है। जहां एक ओर खरीदारों के लिए यह राहत की खबर है, वहीं निवेशकों के लिए यह रणनीतिक निवेश का अवसर भी साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार की गतिविधियां इन दोनों कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगी।
ये भी पढ़ें: भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच रोमांचक मुकाबला टाई, सुपर ओवर से होगा विजेता का फैसला