
वैश्विक बाजार से मिले कमजोर संकेतों और निवेशकों द्वारा की गई प्रॉफिट बुकिंग के कारण घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। कीमती धातुओं में आई इस तेज गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है। वहीं, आगामी शादी-विवाह के सीजन से पहले कीमतों में आई नरमी से आम ग्राहकों और ज्वेलरी खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान 5,629 रुपये की बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस तेज गिरावट के बाद चांदी का भाव 2,59,167 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली और इसका भाव 1,334 रुपये टूटकर 1,58,213 रुपये तक आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में की गई खरीदारी से मुनाफा वसूलना शुरू किया, जिसका असर भारतीय बाजारों में भी देखने को मिला।
बुलियन बाजार के जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गई थीं। ऐसे में निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग किए जाने से कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है।
इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को होगा जो आने वाले विवाह सीजन के लिए सोने और चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतों में नरमी आने के बाद ग्राहकों की पूछताछ और खरीदारी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी घोषणाएं, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, कीमतों में आई यह गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम से पहले सोना और चांदी सस्ता होने से बाजार में खरीदारी का माहौल बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
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