
नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीज़ल बचाने की अपील के बाद अब गुजरात सरकार भी एक्शन मोड में दिखाई दे रही है। राज्य सरकार खर्च और ईंधन की खपत कम करने के लिए कई बड़े कदमों पर विचार कर रही है। इसी कड़ी में लेबर और एम्प्लॉयमेंट मंत्री कुंवरजी बावलिया ने संकेत दिए हैं कि प्राइवेट कंपनियों में एक बार फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ कल्चर को बढ़ावा दिया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि बड़े शहरों में रोजाना ऑफिस आने-जाने के कारण ट्रैफिक और पेट्रोल-डीज़ल की खपत लगातार बढ़ रही है। यदि कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए, तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक दबाव भी कम हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के कई सरकारी कार्यक्रमों को भी डिजिटल माध्यम से आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य हेलीकॉप्टर और सरकारी वाहनों के उपयोग को कम करना है, ताकि एविएशन फ्यूल और पेट्रोल-डीज़ल की बचत हो सके। इससे सरकारी खर्च और समय दोनों में कमी आने की संभावना है।
मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि सरकार जल्द ही विभिन्न प्राइवेट कंपनियों और इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ बैठक करेगी। इन बैठकों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल को दोबारा लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी फैसला प्रशासनिक नियमों और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
सरकार ऐसा मॉडल तैयार करने पर जोर दे रही है, जिससे उद्योग जगत और कर्मचारियों दोनों को सुविधा मिले। माना जा रहा है कि यदि यह योजना लागू होती है, तो आने वाले समय में गुजरात में ‘वर्क फ्रॉम होम’ का ट्रेंड फिर से तेज़ी से बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें: गुजरात में गर्मी का कहर! 45°C पार पारा, 2 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों में हीटवेव चेतावनी