
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंसे अपने एक पायलट को सफलतापूर्वक बचा लिया है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन भारी गोलीबारी और दुश्मन के दबाव के बीच अंजाम दिया गया, जिसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसिक मिशनों में से एक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, F-15 Eagle लड़ाकू विमान कुुवैत के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया और वह क्रैश हो गया। विमान में मौजूद पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन दूसरा पायलट ईरान के क्षेत्र में लापता हो गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने एक बहादुर अधिकारी को बचाने के लिए दर्जनों अत्याधुनिक हथियारों से लैस विमानों को भेजा था। उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू अभियानों में से एक बताया।
बताया जा रहा है कि लापता पायलट ईरान के पहाड़ी इलाके में फंसा हुआ था, जहां दुश्मन लगातार उसकी तलाश में था। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने लगातार निगरानी रखते हुए सटीक रणनीति के तहत उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
वहीं, Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भी पायलट की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। उन्होंने स्थानीय लोगों से मदद की अपील करते हुए पायलट को जिंदा पकड़ने पर 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम घोषित किया था।
इस घटना के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को और अधिक गंभीर बना सकता है।
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