
Tamil Nadu Politics 2026:- तमिलनाडु में चुनाव परिणामों के बाद सरकार गठन को लेकर जबरदस्त खींचतान चल रही है। सिर्फ 5 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने नतीजों के अगले ही दिन जल्दबाजी में विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। कांग्रेस को उम्मीद थी कि अगर विजय सत्ता में आते हैं तो उसे कैबिनेट में हिस्सा मिलेगा।
हालांकि, बुधवार शाम राज्यपाल ने विजय से बहुमत साबित करने के लिए जरूरी आंकड़े पेश करने को कहा, जिसके बाद कांग्रेस की सारी गणनाएं उलटी पड़ गईं। TVK के पास अपनी 108 सीटें हैं और कांग्रेस की 5 सीटें जोड़ने पर यह आंकड़ा 113 तक पहुंचता है, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 से अभी भी 5 सीटें कम है।
DMK और AIADMK गठबंधन की चर्चाएं:- राजनीति में नई ‘उलटबांसी’
राज्य में अन्य दलों जैसे VCK, मुस्लिम लीग और वामपंथी पार्टियों ने विजय को समर्थन देने से इनकार कर दिया है। इस बीच तमिलनाडु की राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी दल—DMK और AIADMK—के साथ मिलकर सरकार बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं।अगर ये दोनों दल साथ आते हैं, तो यह यूपी में सपा-बसपा या जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन जैसी ऐतिहासिक राजनीतिक घटना मानी जाएगी। ऐसा होने पर जल्दबाजी में विजय को समर्थन देने वाली कांग्रेस अकेली पड़ जाएगी और उसकी स्थिति और ज्यादा मुश्किल हो सकती है।
कांग्रेस का बचाव:- ‘गठबंधन तोड़ना DMK की पुरानी आदत’
कांग्रेस ने विजय को दिए गए समर्थन को वैचारिक समझौता मानने से इनकार किया है। कांग्रेस सांसद Jyothimani Sennimalai ने DMK पर पलटवार करते हुए कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना सामान्य बात है।
उन्होंने याद दिलाया कि 2014 के चुनाव से सिर्फ एक हफ्ते पहले ही DMK ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर कर दिया था। कांग्रेस का कहना है कि विजय की विचारधारा भी धर्मनिरपेक्ष है, इसलिए उन्हें समर्थन देने में कुछ भी गलत नहीं है। फिलहाल तमिलनाडु में सत्ता का पलड़ा किस ओर झुकेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।